Shaurya Diwas Par Nibandh in Hindi | शौर्य दिवस पर निबंध हिन्दी में

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Shaurya Diwas Par Nibandh in Hindi:- भारतीय समाज में शौर्य और वीरता के मूल्यों को महत्वपूर्ण स्थान पर रखा गया है। इसी भावना के साथ, Shaurya Diwas का आयोजन हर वर्ष 23 दिसम्बर को किया जाता है। यह एक गौरवपूर्ण अवसर है जिसे लोग उन वीर सैनिकों की स्मृति में मनाते हैं जो ने अपने शौर्य और बलिदान के माध्यम से देश की रक्षा की है।

Shaurya Diwas Par Nibandh in Hindi

भारतीय इतिहास में शौर्य दिवस का महत्व

शौर्य दिवस का चयन 23 दिसम्बर को किया गया है, क्योंकि इस दिन ही 1971 में भारत-पाक युद्ध का अंत हुआ था और बांग्लादेश को एक नए राष्ट्र के रूप में स्थापित किया गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना ने ब्रेवरी और वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सेना को परास्त किया और बांग्लादेश को आज़ादी दिलाई। इस अनौपचारिक तौर पर, शौर्य दिवस को ‘विजय दिवस’ भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन भारत ने युद्ध में जीत हासिल की थी।

शौर्य दिवस का मकसद

शौर्य दिवस का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और समर्थन की भावना को मजबूत करें और उनके बलिदान को समर्थन दें। इस दिन देशवासियों को याद दिलाया जाता है कि सुरक्षित और मुक्त जीवन का आनंद उनके सैनिकों के कठिन परिश्रम और बलिदान के कारण होता है।

शौर्य दिवस के आयोजन में विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनारों, और स्कूल-कॉलेजों में विशेष आयोजनों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में सैनिकों की कहानियों, उनकी वीरता के किस्सों, और उनके साहसपूर्ण कार्यों को साझा किया जाता है। युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके परिवारों को समर्थन और साथीपन का अहसास कराया जाता है।

शौर्य दिवस के अवसर पर कार्यक्रम

शौर्य दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिनमें सैनिकों की श्रद्धांजलि, फौजी परेड, और राष्ट्रीय ध्वज का अद्वितीय समर्पण शामिल होता है। इन कार्यक्रमों में समर्पित भावना के साथ ही समाज के लोग भी यह अवसर उत्सव और उत्साह के साथ मनाते हैं।

शौर्य दिवस का सामाजिक महत्व

शौर्य दिवस सामाजिक एकता, राष्ट्रीय एकता, और सैनिकों के प्रति आभास को बढ़ावा देता है। यह एक ऐसा मौका है जिसमें लोग अपने देश के साथी सैनिकों के प्रति आभासी बनते हैं और उन्हें समर्थन और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इसके माध्यम से लोगों को यह भी याद दिलाया जाता है कि सैनिकों का बलिदान उनके स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

शौर्य दिवस और समर्पण

शौर्य दिवस का संदेश है कि समर्पण और बलिदान ही एक सशक्त राष्ट्र की ऊर्जा को बढ़ाते हैं। सेना के सदस्यों का समर्पण और उनकी उदार भावना हमें एक नेतृत्व और देश भक्ति की भावना सिखाता है।

समाप्ति:

शौर्य दिवस एक ऐसा महत्वपूर्ण दिन है जो भारतीय समाज को उनके वीर सैनिकों के प्रति आभास दिलाता है और उनके साहस और बलिदान को समर्थन करता है। इस दिन के माध्यम से हमें यह बात सदैव याद रखनी चाहिए कि हमारी सुरक्षा और स्वतंत्रता का श्रेय हमारे वीर सैनिकों को जाता है, और हमें इनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।

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